लेखनी कहानी -12-Nov-2022
दौर
वो तटस्थ भाव से देख रही थी दौरे ज़िन्दगी को , कभी निहाल होती अपनी जीवन की उपलब्धियों पर , तो कभी रूह काँप जाती तेज रफ़्तार ट्रैक बदलती ज़िन्दगी को देख । एक ही दिन में दो ज़बरदस्त झटके महसूस किए थे उसने । आज सुबह बाथरूम में नहाते वक्त फ़ोन की घंटी सुन कविता फटाफट बाथरूम से निकली तो उसपर बड़ी भाभी का कॉल देख सोच में पड़ गई । झट से फ़ोन उठाया जी भाभी कैसे याद किया । कहाँ हो यहीं हूँ भाभी । शाम को हम तुमसे मिलने आ रहे हैं । स्वागत है आइए । आज ही ऑफ़िस जाते वक्त बड़ी दीदी का कॉल आया । कविता ने कहा दीदी गाड़ी भेज रही हूँ आज यही आ जाइए । तीन बजे क़रीब बेटे का कॉल आया मौसी इन्तज़ार कर रही हैं । कविता काम में भूल गई थी की उसने दीदी को घर बुलाया है । ओह काम में कुछ याद ही नहीं रहता । आती हूँ । कह कर कविता ने पर्स उठाया और घर आ गई । दीदी बेसब्री से उसका इन्तज़ार कर रही थीं । मुझे बुला कर तुम ऑफ़िस चली गाईं । तुम्हारे बिना घर एकदम ख़ाली लग रहा था । तभी बड़ी भाभी छोटे भैया भाभी के साथ आ गए थोड़े देर बातें हुईं चाय नाश्ता हुआ । इसी बीच पास में रह रहे ताऊजी के बेटे के यहाँ और फिर मामा जी की बेटी के यहाँ जाने का प्रोग्राम बन गया । सब हंसी मज़ाक़ में लगे थे । किसकी इतनी उम्र हो गई । इसी बीच सविता जीजी ने कहा मोना तुम्हारे जीजाजी को गए छे साल हो गए । उनके बग़ैर कही जाने की आदत ही नहीं है सो छे साल से हमने घर से बाहर पैर भी नहीं निकाला मोना दीदी भी अतीत के झुरमुट में खो सी गाईं और बोली इन्हें भी गए सात साल हो गए । समय किसी के लिए रुकता नहीं । तुम्हें समय के साथ भागना होता है । सुमन उन दोनों की बातें सुन सामने बैठी बड़ी भाभी को देख रही थी जिन्होंने अभी दो साल पहले करोना में भैया को खोया था । ये कैसा दौर है एक वक़्त वो था जब बारी बारी से सभी की शादियाँ हो रही थीं । बेटियाँ ससुराल जा रही थीं और भाभियाँ ब्याह कर घर आ रही थीं ।फिर बच्चे हुए घर गृहस्थी की ज़िम्मेदारियों में ज़िन्दगी का एक लम्बा दौर पलक झपकते कब गुज़र गया पता ही नहीं चला और आज सब बैठे अपने साथियों को खो देने का हिसाब कर रहे हैं । एक एक कर सब न जाने कहाँ गुम होते जा रहे हैं । कैसा विचित्र हैं ये जीवन ।
-अभिलाषा देशपांडे
Gunjan Kamal
16-Nov-2022 08:03 PM
शानदार प्रस्तुति 👌
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Supriya Pathak
12-Nov-2022 07:11 PM
Sundar rachna 👍🌺
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Teena yadav
12-Nov-2022 06:04 PM
Shandar
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